किलकारियां छोड़, लफ्जों की कोई बात दोहराई होगी, हमने घुटनों से उठकर, चलने की करामात दिखाई होगी। सुनाई होगी हमने भी, कहानी कोई जोड़-तोड़ कर, ...
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सफलता - अंतहीन आत्मसंतुष्टि | SUCCESS - Endless Complacency
इस धरा पर जन्म लेने वाले हर मनुष्य के साथ ही जन्म होता है, इच्छाओं का, महत्वाकांक्षाओं का, गुणों का, अवगुणों का, जीत का, हार का, सुख-दुःख का...
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आलोचना - पीड़ा या सीख? | CRITICISM - Suffering or Learning?
हम सभी प्रातः उठने से लेकर रात्रि सोने तक रोजमर्रा के छोटे बड़े कितने ही काम करते हैं, चाहे वह अपनी साफ सफाई हो, घर के काम, बाजार के हों, व्...
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पाबंदी - अनचाह अंकुश । RESTRICTION - Unwanted Controls
जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी जीव अपने मन की इच्छाओं के अनुसार कर्म, व्यवहार एवं अनुसरण करना चाहते हैं, जो हमें सही लगता है, जैसे सही लगता है उ...
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आखिरी मंजिल - हाँ मैं राही हूँ, इक भीड़ भरी राह का ।
हाँ मैं राही हूँ, इक भीड़ भरी राह का, पर इस राह पे शायद मेरी मंजिल नहीं है न जीने की वजह, न चलना ही सजा, शायद मेरे सीने में, दिल नहीं है। हा...
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